नई नौकरी के पहले 3 महीनों में क्या उम्मीद करें?

किसी भी जॉब की शुरुआत करना एक अलग अनुभव होता है। इस दौर में कैंडिडेट्स के पास अलग तरह का उत्साह होता है। यह उत्साह और उनके काम करने का तरीका उनका भविष्य भी तय करता है। कैंडीडेट्स शुरुआती दौर जिस उत्साह के साथ जॉब ज्वाइन करते हैं उसी उत्साह के साथ वह काम भी कर सकते हैं

नई नौकरी के पहले 3 महीनों में क्या उम्मीद करें?

नई नौकरी में पहले 3 महीनों में आपको बहुत कुछ सीखने और समझने का मौका मिलता है। यह समय होता है जब आप कंपनी की कार्य प्रक्रियाओं, कल्चर, और माहौल को समझने के लिए अवसर प्राप्त करते हैं। आपको नए सहयोगी और कलीग के साथ संबंध बनाने, नए स्किल सीखने, और प्रदर्शन करने का मौका मिलता है।

साथ ही, आपको कंपनी की मान्यताओं, मूल्यों, और नीतियों को समझने का समय मिलता है, ताकि आप उसके अनुसार काम कर सकें। इस प्रकार, पहले 3 महीनों में आपको अपने करियर के लिए महत्वपूर्ण नॉलेज और अनुभव प्राप्त होता है।

पहली जॉब के 3 महीने में खुद को कैसे बनाएं एक ब्रांड

अगर आप खुद की पहचान एक ब्रांड के तौर पर करना चाहते हैं, तो कुछ बातों का विशेष ध्यान रखना होगा। जानिए इनके बारे में…

अपने फील्ड में तेजी से आगे बढ़ने के लिए योजना बनाकर चलें। पहली जॉब में शुरुआती 90 से 100 दिन काम करने के लिहाज से बहुत अहम होते हैं।

नौकरी पर पहले 30, 60 और 90 दिनों में आप क्या करेंगे?

नई नौकरी के पहले 3 महीनों में क्या उम्मीद करें?

जॉब में लक्ष्य बनाकर तैयारी करें

एक्सपर्ट कहते हैं, अगर तीन महीने या 100 दिन का लक्ष्य तय किया हुआ है तो उसके लिए प्लान बनाएं। प्लान बनाकर काम करेंगे तो पहली नौकरी में बेहतर प्रदर्शन कर पाएंगे और खुद की पहचान भी बना पाएंगे।

इसके लिए पहली शुरुआत नौकरी के पहले 10 दिन में रखें। जॉब के पहले दिन अपने साथी कर्मचारियों से मिलें और उन्हें समझें। इसके बाद अपने काम को समझें और उसी के मुताबिक अपनी रणनीति तैयार करें।

जॉब में ऐसे बनाएं प्लान

शुरुआती 10 दिन के अंदर कंपनी के कार्य को समझें और उसे अपने अंदाज में करने की कोशिश करें। शुरुआती दौर में बेशक कुछ गलतियां होती हैं, लेकिन उनसे सबक लेने की कोशिश करें।

ध्यान रखें जो गलतियां एक बार हो जाएं वो दोबारा नहीं होनी चाहिए। इस तरह रोजाना अपने काम करने के तरीके को सुधारें। पहले 30 दिन में अपने काम से कंपनी के अधिकारियों का विश्वास जीतें और काम में सुधार लाएं।

अपने लक्ष्यों को स्पष्ट करें

आप नौकरी में क्या हासिल करना चाहते हैं?
क्या आप एक निश्चित पद या वेतन चाहते हैं?
क्या आप अपने द्वारा किए निश्चित क्षेत्र में स्पेशलिस्ट बनना चाहते हैं?

अपने लक्ष्यों को स्पष्ट रूप से जानने से आपको अपने प्लान को बेहतर ढंग से बनाने में मदद मिलेगी। नए स्किल सीखें एक से अधिक स्किल सीखने से आपके लिए नौकरी के अवसर बढ़ेंगे।

क्या कुछ नया हो सकता है?

अंतिम 60 या 90 दिनों के अंदर खुद की पहचान बनाने की कोशिश करें। इसके लिए जिस भी प्रोफाइल पर काम कर रहे हैं, उसमें क्या कुछ नया हो सकता है, समझने की कोशिश करें और उसे लागू भी करें।

नई नौकरी के पहले 3 महीनों में क्या उम्मीद करें?

हर दिन अपने काम का मूल्यांकन करें। लर्निंग का कितना बेहतर इस्तेमाल कर सकते हैं, इस पर फोकस करें। इसके साथ ही नए प्रोजेक्ट से जुड़ें और खुद को ब्रांड के तौर पर स्थापित करें। अपनी ताकत और कमजोरियों को पहचानें।

अपनी ताकत को और मजबूत करें और कमजोरियों को सुधारने पर काम करें। अपनी व्यक्तिगत ब्रांडिंग पर काम करें। अपनी खुद की वेबसाइट, सोशल मीडिया प्रोफाइल और अन्य ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर अपनी पहचान को मजबूत करें। अपने काम को दूसरों के साथ शेयर करें। अपने काम को सोशल मीडिया पर पोस्ट करें, ब्लॉग लिखें या दूसरों के साथ व्यक्तिगत रूप से शेयर करें।

जॉब में खुद का करें मूल्यांकन

30 दिन काम करने के बाद आपने क्या-कुछ सीखा, इसको समझें। इस तरह यह समझ पाएंगे कि आपकी लर्निंग कैसी रही। 30 दिन वर्कप्लेस पर काम करने के बाद सभी चीजों का एनालिसिस करें।

क्या सीखा, क्या करना है और कितनी चीजें सीखना बाकी हैं। इसकी लिस्ट बनाएं। इसके लिए सीनियर्स की मदद लें। उनसे पूछें कि आपके काम में कितनी इम्प्रूवमेंट की जरूरत है। इस तरह लक्ष्य की तरफ एक स्टेप आगे पहुंच पाएंगे और आपकी छवि भी अच्छी बनेगी।

जॉब में सहकर्मियों से अच्छा संबंध बनाएं

सहकर्मियों से अच्छा संबंध बनाना बहुत जरूरी है। इससे आपको काम करने में आसानी होगी और आप कंपनी में जल्दी स्थापित हो पाएंगे। अपने हर सहकर्मी से अच्छा व्यवहार बनाकर रखे और अपनी कम्पनी मैं आगे बढ़ने के लिए अपने सहकर्मी से कुछ न कुछ सीखते रहे।

हमेशा पॉजिटिव सोच रखे

जॉब में पॉजिटिव सोच रखने का अर्थ है यह विश्वास करना कि हर स्थिति में कुछ न कुछ सीखा और समझा जा सकता है। यह हमें स्थितियों को स्पष्ट रूप से देखने और उनसे सीखने की क्षमता देता है।

जब हम पॉजिटिव सोचते हैं तो हम अपने काम में बेहतर प्रदर्शन करने और अपने आसपास के लोगों पर अच्छा प्रभाव डालने के लिए प्रेरित होते हैं। इस सोच के साथ, हम समस्याओं को हल करने के लिए एक्साइटेड हो जाते हैं और अपने लक्ष्यों की ओर प्रेरित होते हैं।

जॉब में नियमों और प्रोसेस का पालन करना जरूरी है

यह किसी भी कंपनी में अनुशासन बनाए रखने में मदद करता है। नियमों और प्रोसेस का पालन करने से हमें काम करने की सही दिशा मिलती है और हम अपने लक्ष्यों को प्राप्त करने में सफल होते हैं। इससे हमारी कार्य कुशलता और कंपनी की प्रॉडक्टिविटी बढ़ती है।

नई नौकरी में गति कैसे प्राप्त करें?

अपनी क्षमता का प्रदर्शन: नियमित रूप से अपनी क्षमताओं को दिखाएं, जैसे कि प्रोजेक्ट्स को समय पर पूरा करना और कम्पनी के लक्ष्यों में योगदान करना।

स्व-विकास: स्व-विकास करने के लिए हमेशा खुदको तैयार करे। हमेशा खुद को याद दिलाए जब मैं अपने स्वयं का विकास करूंगा, ज्यादा से ज्यादा स्किल सीखूंगा, तभी जाकर मैं खुद से आगे लेजा पाऊंगा। कभी भी हमें किसी और से आगे बढ़ाने की बजाए खुद से आगे बढ़ाने की सोचनी चाहिए और सीमित समय में कोर्सों में भाग लेकर अपने कौशलों को बढ़ाएं।

काम के प्रदर्शन की चिंता: काम के प्रदर्शन में खुदके काम का मूल्यांकन करते रहे ओर अपने कलीग से अपने काम पर आने वाली प्रोब्लम के बारे में डिस्कस करते रहे अपने मैनेजर के साथ नियमित रूप से बातचीत करें और अपनी प्रोगेस पर विचार करें।

प्रमोशन के लिए प्रस्ताव तैयार करे: अपने मैनेजर के साथ चर्चा करें और आपकी काम की एक्सीलेंस के आधार पर प्रमोशन के लिए प्रस्ताव तैयार करें।

सेल्फ-कॉन्फिडेंस: अपनी स्किल और अपने योगदान पर आत्म-भरोसा बनाए रखें और प्रमोशन की संभावनाओं को लेकर हमेशा पॉजिटिव रहें।

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